सगुण भक्ति धारा: राम, कृष्ण काव्य
सगुण : रामभक्ति काव्यधारा
भक्ति की सगुण शाखा में उपासक भगवान के सगुण और निर्गुण दोनों ही रूपों को देखता है। पर उपासना सुविधा के लिए वह सगुण रूप को ही प्रधानता देता है, जो अपनी साकार लीलाओं द्वारा लोकजीवन में व्याप्त हो सके। सगुण में!-->!-->!-->…