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aadikal ki pramukh pravritiyan

आदिकालीन प्रवृत्तियाँ एवं डिंगल-पिंगल का भेद (aadikal ki pravritiyan)

प्रश्न- आदिकालीन हिन्दी भाषा की प्रमुख प्रवृत्तियों का परिचय देते हुए डिंगल और पिंगल का अंतर स्पष्ट कीजिए। (aadikal ki pravritiyan) उत्तर:- आदिकालीन हिन्दी भाषा भिन्न-भिन्न चरणों में विकसित होती रही जो कहीं प्राकृताभास अपभ्रंश में दिखाई

आदिकाल की प्रमुख प्रवृत्तियाँ|| रासो, धार्मिक एवं लौकिक साहित्य- PDF

आदिकाल : सिद्ध काव्य सिद्धों का परिचय हिन्दी साहित्य के आदिकाल में सिद्ध काव्यधारा का उद्भव जैन काव्यधारा के समान्तर देख जा सकता है जो प्रायः 8वीं सदी के मध्य से आरम्भ हो जाता है। सिद्ध वज्रयानी थे, वज्रयान बौद्ध धर्म की एक