हिंदी साहित्य की ओर एक कदम।

B.A. Prog. Hindi Syllabus, Semester-IV, Major/Non-Major

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सेमेस्टर -IV
BA (Prog.)With Hindi as MAJOR
अन्य गद्य विधाएँ
Core Course – DSC7

Course Title & CodeCreditsLecture TutorialPracticalEligibility CriteriaPre-Requisite of the Course
अन्य गद्य विधाएँ (DSC7)431012वीं में उत्तीर्ण NIL

पाठ्यक्रम के उद्देश्य (Course Objectives):

  1. हिंदी के विभिन्न गद्य रूपों से परिचित कराना।
  2. विभिन्न गद्य रूपों के विश्लेषण की समझ विकसित कराना।
  3. प्रमुख गद्य रचनाओं के अध्ययन द्वारा उनकी प्रासंगिकता से परिचित कराना।

पाठ्यक्रम अध्ययन के परिणाम (Course Learning Outcomes):

  1. हिंदी गद्य रूपों का परिचय प्राप्त होगा ।
  2. विविध गद्य रचनाओं का महत्व और प्रासंगिकता से परिचित हो सकेंगे।
  3. प्रमुख रचनाओं के विश्लेषण की समझ विकसित होगी।

इकाई-1 (12 घंटे)

इकाई -2 (12 घंटे)

इकाई-3 (12 घंटे)

  • वैष्णव जन (ध्वनि रूपक) – विष्णु प्रभाकर
  • शायद (एकांकी) – मोहन राकेश

इकाई -4 (9घंटे)

सहायक ग्रंथः

  1. हिंदी का गद्य साहित्य-रामचंद्र तिवारी, विश्वविद्यालय प्रकाशन, गोरखपुर।
  2. हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास-बच्चन सिंह, राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली।
  3. हिंदी गद्य: विन्यास और विकास-रामस्वरूप चतुर्वेदी, लोकभारती प्रकाशन, इलाहाबाद।
  4. कवि तथा नाटककार रामकुमार वर्मा, वरुण प्रकाशन, दिल्ली।
  5. हिंदी का ललित निबंध साहित्य और आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी- विदुषी भारद्वाज, राधा पब्लिकेशन ।
  6. साहित्यिक विधाएँ: पुनर्विचार-हरिमोहन, वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली।
  7. प्रतिनिधि हिंदी निबंधकार-विभुराम मिश्र, ज्योतिश्वर मिश्र, लोकभारती प्रकाशन, नई दिल्ली।
  8. हिंदी कहानी : अंतरंग पहचान- रामदरश मिश्र, वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली।
  9. हिंदी कहानी : प्रक्रिया और पाठ-सुरेंद्र चौधरी, राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली।

सेमेस्टर -IV
किसी एक साहित्यकार का अध्ययनः भारतेंदुहरिश्चंद्र
Core Course – DSC8-A

Course Title & CodeCreditsLecture TutorialPracticalEligibility CriteriaPre-Requisite of the Course
किसी एक साहित्यकार का अध्ययनः भारतेंदुहरिश्चंद्र (DSC-8A)431012वीं में उत्तीर्ण NIL

पाठ्यक्रम का उद्देश्य (Course Objective):

  1. प्रथम स्वाधीनता संग्राम के पश्चात उभरे साहित्यिक परिदृश्य की जानकारी देना।
  2. भारतेंदु के साहित्य से विस्तार में परिचय देना।
  3. भारतेंदु के कवि, नाटककार और गद्यकार के रूप को समझाना।

पाठ्यक्रम अध्ययन के परिणाम (Course Learning Outcomes):

  1. भारतेंदु के लेखन और रचना-दृष्टि की समझ विकसित होगी।
  2. प्रथम स्वाधीनता संग्राम के पश्चातराष्ट्रीय-सांस्कृतिक परिदृश्य से परिचय होंगे।

इकाई-1 : कविताएं (12 घंटे)

  • कहां करुणानिधि केशव सोए
  • बसंत होली
  • नए जमाने की मुकरी – भीतर-भीतर सब रस चूसे, नई नई नित तान सुनावे, धन लेकर कुछ काम न आवै, तीन बुलाए तेरह आवें

इकाई-2 : नाटक (12 घंटे)

  • नीलदेवी

इकाई-3 : निबंध (12 घंटे)

  • भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है
  • वैष्णवता और भारतवर्ष

इकाई – 4 : विविध (9 घंटे)

  • एक अद्भुत अपूर्व स्वप्न
  • एक कहानी – कुछ आपबीती, कुछ जगबीती

सहायक ग्रंथ :

  1. नाटककार भारतेंदु की रंग परिकल्पना – सत्येंद्र तनेजा, राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली।
  2. भारतेंदु हरिश्चंद्र और हिंदी नवजागरण की समस्याएं-रामविलास शर्मा, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली ।
  3. भारतेंदुहरिश्चंद्र का रचना संसार: एक पुनर्मूल्यांकन-डॉ. वीरेंद्र सिंह यादव।
  4. भारतेंदुहरिश्चंद्र-ब्रजरत्न दास, हिंदुस्तानी एकेडेमी, इलाहाबाद।
  5. भारतेंदु युग और हिंदी भाषा की विकास परंपरा – रामविलास शर्मा, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली।

सेमेस्टर -IV
किसी एक साहित्यकार का अध्ययन : जयशंकर प्रसाद
Core Course – DSC8-B

Course Title & CodeCreditsLecture TutorialPracticalEligibility CriteriaPre-Requisite of the Course
किसी एक साहित्यकार का अध्ययनः जयशंकर प्रसाद (DSC8-B)431012वीं में उत्तीर्ण NIL

पाठ्यक्रम का उद्देश्य (Course Objective):

  1. छायावाद के प्रवर्तक कवि जयशंकर प्रसाद के साहित्य से विस्तार में परिचय।
  2. जयशंकर प्रसाद के कवि, कथाकार, नाटककार और आलोचक रूप को समझना।
  3. छायावादी कविता संबंधी आलोचनात्मक बहस और प्रसाद के साहित्य के विकास-क्रम का अध्ययन।

पाठ्यक्रम अध्ययन के परिणाम (Course Learning Outcomes):

  1. जयशंकर प्रसाद के लेखन-दृष्टि की गंभीर समझ विकसित होगी।
  2. छायावाद और राष्ट्रीय आंदोलन के आपसी संबंधों का विश्लेषण कर सकेंगे।
  3. कहानियों, नाटकों और उपन्यासों के आधार पर आदर्शवादी और यथार्थवादी साहित्यिक धारा का ज्ञान प्राप्त होगा।

इकाई-1 (12 घंटे)

  • कविताएँ – बीती विभावरी जाग री, हिमाद्रि तुंग शृंग से, अशोक की चिंता

इकाई-2 (12 घंटे)

  • कहानियाँ – आकाशदीप, ममता, पुरस्कार, गुंडा (प्रसाद ग्रंथावली, खंड4, संपादक- रत्नशंकर प्रसाद, लोकभारती प्रकाशन, इलाहाबाद)

इकाई-3 (12 घंटे)

  • नाटक- अजातशत्रु

इकाई-4 (9 घंटे)

  • निबंध – यथार्थवाद, छायावाद (काव्य और कला तथा अन्य निबंध पुस्तक से) (प्रसाद ग्रंथावली, खंड 4, संपादक- रत्नशंकर प्रसाद, लोकभारती प्रकाशन, इलाहाबाद)

सहायक ग्रंथः

  1. प्रसाद रचना संचयन – (संपादक) विष्णु प्रभाकर और रमेश चंद्र शाह, साहित्य अकादेमी, दिल्ली।
  2. जयशंकर प्रसाद – नंददुलारे वाजपेयी।
  3. काव्य और कला तथा अन्य निबंध – जयशंकर प्रसाद।
  4. छायावादः पुनर्मूल्यांकन – सुमित्रानन्दन पंत।
  5. छायावाद – नामवर सिंह।
  6. प्रसाद का काव्य – प्रेमशंकर।
  7. छायावाद की प्रासंगिकता – रमेशचंद्र शाह।
  8. जयशंकर प्रसादः एक पुनर्मूल्यांकन – विनोद शाही।
  9. छायावाद का पतन – डॉ. देवराज।
  10. कामायनी: एक पुनर्विचार – गजानन माधव मुक्तिबोध।
  11. छायावाद का पुनर्मूल्यांकन – रामस्वरूप चतुर्वेदी।
  12. कामायनीः मूल्यांकन और मूल्यांकन – (संपादक) इंद्रनाथ मदान ।
  13. जयशंकर प्रसादः महानता के आयाम – करुणा शंकर उपाध्याय ।
  14. कंथा (प्रसाद की जीवनी) – श्यामबिहारी श्यामल।

सेमेस्टर-IV
BA (Prog.) With Hindi as NON-MAJOR
अन्य गद्य विधाएँ
Core Course – DSC7

Course Title & CodeCreditsLecture TutorialPracticalEligibility CriteriaPre-Requisite of the Course
अन्य गद्य विधाएँ (DSC7)431012वीं में उत्तीर्ण NIL

पाठ्यक्रम के उद्देश्य (Course Objectives):

  1. हिंदी के विभिन्न गद्य रूपों से परिचित कराना ।
  2. विभिन्न गद्य रूपों के विश्लेषण की समझ विकसित कराना।
  3. प्रमुख गद्य रचनाओं के अध्ययन द्वारा उनकी प्रासंगिकता से परिचित कराना।

पाठ्यक्रम अध्ययन के परिणाम (Course Learning Outcomes):

  1. हिंदी गद्य रूपों का परिचय प्राप्त होगा।
  2. विविध गद्य रचनाओं का महत्व और प्रासंगिकता से परिचित हो सकेंगे।
  3. प्रमुख रचनाओं के विश्लेषण की समझ विकसित होगी।

इकाई-1 (12 घंटे)

इकाई-2 (12 घंटे)

इकाई-3 (12 घंटे)

  • वैष्णव जन (ध्वनि रूपक) – विष्णु प्रभाकर
  • शायद (एकांकी) – मोहन राकेश

इकाई -4 (9घंटे)

सहायक ग्रंथः

  1. हिंदी का गद्य साहित्य- रामचंद्र तिवारी, विश्वविद्यालय प्रकाशन, गोरखपुर।
  2. हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास-बच्चन सिंह, राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली।
  3. हिंदी गद्य : विन्यास और विकास-रामस्वरूप चतुर्वेदी, लोकभारती प्रकाशन, इलाहाबाद।
  4. कवि तथा नाटककार रामकुमार वर्मा, वरुण प्रकाशन, दिल्ली।
  5. हिंदी का ललित निबंध साहित्य और आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी- विदुषी भारद्वाज, राधा पब्लिकेशन।
  6. साहित्यिक विधाएँ : पुनर्विचार-हरिमोहन, वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली।
  7. प्रतिनिधि हिंदी निबंधकार-विभुराम मिश्र, ज्योतिश्वर मिश्र, लोकभारती प्रकाशन, नई दिल्ली।
  8. हिंदी कहानी : अंतरंग पहचान- रामदरश मिश्र, वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली।
  9. हिंदी कहानी : प्रक्रिया और पाठ-सुरेंद्र चौधरी, राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली।

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